आईपीएल मैचों को देखकर उसी तरह के ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है, जिस तरह का ज्ञान गीता के प्रवचन सुनकर मिलता है।
हे वत्स, सब तरफ वही है।
पिछले साल 24 अप्रैल के राजस्थान रोयल और डेक्कन चार्जर्स के मैच को देखो। डेक्कन चार्जर्स को मजबूत सिचुएशन में लाने वाले एंड्रयू साइमंड भी आस्ट्रेलियन हैं। और राजस्थान रोयल को जिताने वाले शैन वार्न भी आस्ट्रेलियन हैं।
इधर भी आस्ट्रेलियन हैं, उधर भी आस्ट्रेलियन हैं।
पीटने वाला भी आस्ट्रेलियन है, पिटने वाला भी आस्ट्रेलियन है।
चिंता मत करो, जिस तरह से ब्रह्मांड में सब कुछ उस एक को समर्पित होता है, उसी तरह से आईपीएल मैचों में जीत हार सब कुछ आस्ट्रेलिया को ही समर्पित होती प्रतीत होती है।
स्पांसराधिकारस्ते मा जीतेषु कदाचन्
यानी हे स्पांसर तेरा अधिकार तो सिर्फ स्पांसर करने में है। कौन जीत रहा है, यह तय करना तेरे हाथ में नहीं है। पुरुषस्य भाग्यम् च क्रिकेटर्स गेम नोबडी जानंति। यानी पुरुष के भाग्य़ और क्रिकेटर्स के गेम के बारे में किसी को कुछ नहीं पता होता। अर्थात सस्ते खिलाड़ी महंगी इनिंग खेल जाते हैं और महंगे खिलाड़ी सस्ते में निपट जाते हैं। जिस तरह से सेल में ली गयी टी शर्ट ब्रांडेड टी शर्ट से ज्यादा चल जाती है, उसी तरह से सस्ते खिलाड़ी नामी खिलाड़ियों से ज्यादा रन बना जाते हैं। मानव योनि बहुत अनिश्चिचतताओं वाली है, क्रिकेटरो की तरह। जहां एक लाख का खिलाड़ी चार सेंचुरी ठोंक सकता है और दो करोड़ का खिलाड़ी दो रन भी ना बनाये। हे स्पांसर तू तो स्पांसर करके भूल जा। रिजल्ट की चिंता ही ना कर। तू नान पऱफार्मर खिलाड़ियों से डिस्काऊंट की डिमांड भी मत कर। एक मैच खेलने के साथ एक मैच फ्री में खेलने वाली स्कीम की डिमांड भी तू खिलाड़ियों से मत कर, क्योंकि रकम तो पहले ही आक्शन में तय हो चुकी है। चिड़िया खेत पहले ही चुग चुकी है, अब पछताये होत क्या, जब पहले ही लग गये रेट।
हे स्पांसर तू चिंता ना कर, जो रकम कल तेरी थी, वह अब खिलाड़ियों की हो गयी। दी गयी रकम के साथ जीत हार के कैलकुलेशन ना कर।
आत्मा च प्लेयरांति सेम डेस्टिनी भवंति
हे स्पांसर, ऐसा मत सोच कि अगर वो वाला खिलाड़ी ले लेते तो बेहतर होता। अगर ये वाला खिलाड़ी ना लेते, तो बेहतर होता।
जिस प्रकार आत्मा एक शऱीर को छोड़कर स्पीड से दूसरा शरीर ग्रहण कर लेती है, उसी प्रकार प्लेयर इस टीम से उस टीम को ग्रहण कर लेते हैं। आत्मा और आईपीएल प्लेयरों का एक पक्का ठिकाना कुछ नहीं है। जो प्लेयर आज तेरा है, वह कल किसी और का होगा। जो आज किसी का है, वह कल को तेरा होगा।
सो, आत्मा और प्लेयरों को तू समभाव से ही ले।