इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले 12 मार्च से शुरु हो रहे हैं। इस बार फिर आठ टीमें मुकाबले में हैं। हालांकि,मैदान पर खेल ही काम आएगा लेकिन सितारों के आइने में इस टीम का पलड़ा भारी है। इसका ज्योतिषीय विवेचन कर रहे हैं- वीजीआर पवन।
12 मार्च से शुरु होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग में किस टीम का पलड़ा भारी रहेगा? ये सवाल सभी क्रिकेट प्रेमियों के मन को मथ रहा है। मैंने भी इस यक्ष प्रश्न का उत्तर खोजने की कोशिश की है। अलग-अलग दिशाओं से टीमें इसमें भाग ले रही हैं – पूर्व से कोलकाता नाइट राइडर्स, पश्चिम से मुंबई इण्डियन्स और राजस्थान रॉयल्स, उत्तर से डेहली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब तथा दक्षिण से डेक्कन चार्जर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और बंगलौर रॉयल चैलेंजर्स। कृष्णमूर्ति पद्धति के आधार पर विश्लेषण कर उस दिशा का पता लगाया जा सकता है, जिस दिशा की टीम जीतेगी।
कृष्णमूर्ति पद्धति में चोरी होने या किसी चीज़ के खो जाने पर दिशा को भाव के सब-लॉर्ड से निर्धारित करते हैं। इसी नियम का इस्तेमाल कर जीतने वाली टीम की दिशा का भी पता लगाया जा सकता है। इसकी गणना के लिए १ मार्च २०१० को शाम के ९:२३ बजे मैंने प्रश्नांक २१३ चुना। इस गणना के आधार पर बनी कुण्डली में लग्न जीतने वाली टीम को दर्शाता है और लग्न के सब-लॉर्ड का नक्षत्र-स्वामी जीतने वाली टीम की दिशा को इंगित करता है।
इस कुण्डली में लग्न का सब-लॉर्ड राहु ११वें भाव और शुक्र के नक्षत्र में है। शुक्र पहले भाव में स्थित है। अतः राहु शुक्र का फल देगा। ज्योतिषीय तौर पर शुक्र दक्षिण-पूर्व दिशा को दिखाता है। इसलिए जो टीम इस दिशा की होगी, वही आईपीएल-३ में विजेता का ताज जीतेगी। हालाँकि ठीक इस दिशा से कोई टीम आईपीएल में भाग नहीं ले रही है। इसलिए हमें उन सभी टीमों पर ग़ौर करना पड़ेगा जो पूर्व और दक्षिण दिशा से संबंधित हैं। इन दिशाओं से डेक्कन चार्जर्स, बेंगलोर रॉयल चेलेंजर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स संबंधित हैं। इसलिए आईपीएल-३ में हिस्सा ले रहीं आठ टीमों में से इन चार टीमों की जीतने की संभावना ज़्यादा है। हालांकि, मैं स्पष्ट कर दूं कि अकादमिक दृष्टि से मैंने ये कोशिश की है, और आखिरी इम्तिहान तो खिलाड़ियों का मैदान पर ही होना है।