डरबन, 28 अप्रैल।
कोलकाता नाइट राइडर्स के कैंप में खलबली मचाने वाले फेकआईपीएलप्लेयर के ब्लॉग का भूत अब आईपीएल से जुड़े तमाम खिलाड़ियों को सताने लगा है। दरअसल, विवादों के बावजूद इस ब्लॉग पर पोस्ट लिखने का सिलसिला जारी है। आखिरी पोस्ट ‘हैट्सऑफ टू भूखा नान’ नाम से 26 अप्रैल को लिखी गई है। इस पोस्ट में लेखक ने नाइट राइडर्स के कई साथियों के वापस घर जाने पर अफसोस भी जाहिर किया है। कई खिलाड़ियों को अब डर है कि इस ब्लॉग पर दूसरी टीमों से जुड़ी ख़बरें भी लीक हो सकती है।
नाइट राइडर्स कैंप से जुड़ी खबरें कथित तौर पर लीक करने वाले इस ब्लॉग के लेखक का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। हालांकि, आकाश चोपड़ा से लेकर संजय बांगर तक कई लोगों को निशाना बनाया गया, लेकिन इस बारे में किसी के नाम की पुष्टि नहीं हो सकी है। सूचना तकनीक से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस ब्लॉग को जिस तरह संचालित किया गया, उससे लगता है कि ये किसी क्रिकेट खिलाड़ी का काम नहीं है।
अमेरिका में रह रहे आईटी एक्सपर्ट विवेक द्विवेदी के मुताबिक fakeiplplayer ब्लॉग पर लिखी पोस्ट की भाषा और स्टाइलशीट को देखकर लगता है कि ये किसी क्रिकेटर का काम नहीं हो सकता। विवेक के मुताबिक, इस ब्लॉग को लिखने वाले शख्स की भाषा पर पकड़ है। वो क्रिकेट भी समझता है। नाइट राइडर्स कैंप में उसकी घुसपैठ है। लेकिन,बड़ी बात ये कि वो सूचना तकनीक का जानकार है। इसलिए,उसने ऐसा कोई गैजेट इस्तेममाल नहीं किया,जिससे उसके पकड़े जाने की संभावना होती। उसने गूगल एडसेंस का इस्तेमाल जानबूझकर नहीं किया। वरना, सिर्फ गूगल के विज्ञापनो से उसकी हज़ारों रुपए की कमाई हो सकती थी।
दिलचस्प है कि दक्षिण अफ्रीका में रह रहे खिलाड़ियों को अब इसी बात से डर लगने लगा है कि कहीं फेक ब्लॉगर दोबारा ब्लॉगिंग शुरु न कर दे। दिलचस्प है कि खिलाड़ियों को डर अपने नए नाम को लेकर भी है। फेकआईपीएलप्लेयर के ब्लॉग पर संजय बांगर को गंजी हैंगर, श्रीसंत को अप्पम चूतिया और हरभजन सिंह को मीरा भाई जैसे नाम दिए गए हैं।
आईपीएलखबर को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कई खिलाड़ियों ने अब ब्लॉग लिखने का विचार भी छोड़ दिया है। हरभजन सिंह ने हाल में पॉपकॉर्न डॉट कॉम से ब्लॉग लिखने के बाबत कांट्रेक्ट किया था। हरभजन को देखकर कई खिलाड़ी ब्लॉग लिखने के बारे में सोच रहे थे, लेकिन फेक प्लेयर के ब्लॉग से उपजे विवाद के बाद कई खिलाड़ियों ने इस विचार को तिलांजलि दे डाली है। सूत्रों की मानें तो भारतीय टीम के ही कई युवा खिलाड़ी आईपीएल के दौरान ब्लॉग लिखने की योजना बना रहे थे क्योंकि आईपीएल के दौरान बीसीसीआई की कोई पाबंदी खिलाड़ियों पर नहीं है। सभी खिलाड़ियों पर लैपटॉप और हाईफाई मोबाइल हैं, और दक्षिण अफ्रीका की हसी मौसम भी लिखने को प्रेरित करता है। लेकिन, फेकआईपीएलप्लेयर के विवाद के बाद सभी खिलाड़ियों ने ब्लॉगिंग को नमस्ते कह डाला है।