डरबन, 23 अप्रैल, आईपीएलखबरडॉटकॉम
सवाल अटपटा है,लेकिन वाजिफ है। आखिर,चेन्नई सुपर किंग्स की वो देशी चीयरलीडर्स कहां गईं, जिन्हें दक्षिण भारत के प्रमुख चैनल विजय टीवी पर एक रिएलिटी शो के जरिए चुना गया था।
दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ डरबन में हुए मुकाबले के दौरान ये सवाल तमिलनाडु से आए चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ प्रशंसकों ने उठाया। उन्होंने कहा, विजय टीवी पर इस टेलेंट हंट का जमकर प्रचार हुआ था। दस टीमों ने इसमें हिस्सा लिया था। इन टीमों में से एक टीम को दक्षिण अफ्रीका में चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना था। लेकिन,यहां तो कोई चेन्नई की चीयरलीडर्स दिखायी ही नहीं दे रही।
दरअसल,सुपर किंग्स के प्रशंसकों का ये सवाल इसलिए अहम था क्योंकि विजय टीवी के इस शो को जबरदस्त प्रचार दिया गया। इसमें चीयरलीडर्स को चुनने की जिम्मेदारी जिन निर्णायकों पर थी,उनमें से एक पूर्व क्रिकेटर सदगोपालन रमेश भी थे।
फिर,ऐसा भी नहीं है कि चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान पर चीयरलीडर्स मौजूद ही न हों। बेंगलुरु,दिल्ली और किंग्स इलेवन की तरह चेन्नई की चीयरलीडर्स भी विदेशी हैं,और कैमरा लगातार उनपर फोकस करता है।
लेकिन,देशी चीयरलीडर्स नदारद हैं ? क्यों? अगर,उन्हें दक्षिण अफ्रीका में चीयर करने का काम करना ही नहीं था,तो पूरा ढकोसला किया क्यों गया? इनके बीच एक सवाल चमड़ी के रंग का भी है,जो बेहद गंभीर है।
दरअसल,बेंगलुरु के खिलाफ मैच में ही चेन्नई की देशी चीयरलीडर्स गायब हो गई थी। विजय माल्या की बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स ने अमेरिका के प्रोफेशनल चीयरलीडर ग्रुप की सेवाएं ली थी, और शायद खूबसूरत-गोरी-विदेशी सुंदरियों को देखकर चेन्नई ने अपनी देशी चीयरलीडर्स को मैदान में ही नहीं उतारा।
आईपीएल-2 को पहले भारत में होना था। वहां चेन्नई सुपर किंग्स के सात मैच चेन्नई में होते। लेकिन, दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स की चीयरलीडर्स से कहीं कांट्रैक्ट ही तो खत्म नहीं कर लिया गया।
अब,सवाल और अटकलें कई हैं। वजह है देशी चीयरलीडर्स का मैदान में न होना। जवाब सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारियों के पास है। आखिर,कहां गईं चेन्नई सुपर किंग्स की देशी चीयरलीडर्स।
-प्रतीक