गाना सुना होगा- बड़ा दुख दीना मोरे लखन ने...बड़ा दुख दीना।
केपटाउन में धुन यही थी। बोल बदल गए थे। बड़ा दुख दीना मोरे 'जॉनी' ने..बड़ा दुख दीना।
अब, सवाल ये कि जॉनी कौन। वैसे, ये जॉनी की जगह पॉनी, मॉनी, शेरु, टाइगर, लालू या जिमी कोई भी होता, इतना ही दुख देता।
भइया, ये जॉनी कोई और नहीं काला कुत्ता है। केपटाउन में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपरकिंग्स के पहले मैच में भाईसाहब मैदान में घुस आए, तो भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर मुस्कुराहट तैर गई। जुबां पर आए नहीं, जेहन में सवाल दौड़ गए- क्यों गुरु, ये रही तुम्हारी सिक्योरिटी। एक कुत्ते को संभाल नहीं पाए-आतंकवादियों को क्या खाक संभालोगे। भइया, इस जॉनी ने मैच के 15 मिनट बर्बाद कर डाले, लेकिन सिक्योरिटी वाले कभी बिस्किट देकर, कभी कुछ और देकर उसे मनाने की कोशिश करते रहे। भइया चल, बाहर चल। निकल ले। काहे इज्जत का फालूदा करा रहा है। लेकिन, जॉनी नहीं माना। पूरे 15 मिनट तक सिक्योरिटी वालों को नाक रगड़वायी, फिर गया मैदान से बाहर।
इधर, दर्शक इस नज़ारे को देख खुश हो रहे थे, तो ठेठ भारतीय इसलिए खुश थे कि यहां भी ऐसा होता है। कुत्ता, गधा, बिल्ली और चूहा हिन्दुस्तान में तो कोई भी कहीं आ जा सकता है। पर यहां दक्षिण अफ्रीका में भी !
खबर है कि इस कुत्ते को लेकर विज्ञापन देने वाली तमाम कंपनियां खासी खफा हैं। वजह है भइया। कुत्ता फुटेज ले गया 15 में से 8 मिनट की। दस सेंकेड के विज्ञापन की दर है दो लाख यानी काला कुत्ता 72 लाख की फुटेज ले गया। वो भी फ्री में। और वो दो-चार हजार के लिए मारामारी कर रहे हैं। विज्ञापन कंपनियों का कहना है कि कुत्ता क्यों दिखाया। हमें दिखाते। अब,इसका कोई क्या अर्थ निकाले !
वैसे,सूत्र को लेकर आप किसी के बारे में भी खबर गढ़ सकते हैं। और दक्षिण अफ्रीका के कुत्तों के बीच रह रहे हमारे सूत्र कह रहे हैं कि जॉनी ने एक मकसद के तहत ऐसा किया था। जॉनी की गर्लफ्रेंड जिनी ने शर्त रखी थी-मशहूर होकर दिखाओ। जॉनी ने मशहूर होकर दिखा दिया। एक झटके में।
ये लड़कियां, सॉरी कुत्तियां, सॉरी ये फीमेल गर्लफ्रेंड्स भी क्या क्या शर्त रख देती है आशिकों के सामने ! आप क्या कहते हैं ?
-पीयूष