नयी दिल्ली, 16 अप्रैल।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज शॉन पॉलक को शायद इस बार मलाल होगा कि वो मुंबई इंडियंस की तरफ से मैदान में नहीं उतरेंगे। अपने घरेलू विकेट पर शॉन पॉलक कहर बरपा सकते थे, लेकिन इस बार वो टीम के अंतिम 11 खिलाड़ियों का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, पॉलक का अनुभव युवा खिलाड़ियों के काम आएगा क्योंकि वो मुंबई इंडियंस के कोच की हैसियत से जुड़े हुए हैं। आईपीएल के पहले सत्र में शॉन पॉलक मुंबई इंडियंस के सबसे सफल गेंदबाजों में एक रहे थे, और सचिन-हरभजन की गैरमौजूदगी में उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
लेकिन, बात शॉन पॉलक की नहीं है। दरअसल, आईपीएल के दूसरे सत्र में ऐसे बहुत से विदेशी खिलाड़ी दिखायी नहीं देंगे, जो पिछले सीजन में दिखायी दिए थे। पाकिस्तानी खिलाड़ियों को छोड़ भी दें तो कई विदेशी खिलाड़ी इस बार किसी न किसी वजह से खेलने नहीं आ रहे हैं। अब,सवाल यही है कि क्या नामचीन विदेशी खिलाड़ियों की आईपीएल से दूरी कहीं टूर्नामेंट का रंग कम तो नहीं कर देगी?
आस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग और माइकल हसी इस बार आईपीएल टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। हालांकि, पिछली बार भी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने सिर्फ चार मैचों में ही हिस्सा लिया था, लेकिन इस बार उम्मीद थी कि वो सभी मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। लेकिन, सितंबर से लगातार क्रिकेट खेलते रहने की वजह से दोनों खिलाड़ियों ने आराम करने का फैसला किया है क्योंकि एशेज सीरिज से पहले उन्हें इंग्लैंड में टी-20 वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लेना है। इसी तरह, माइकल क्लार्क और मिशेल जॉनसन ने तो इस बार खुद को नीलामी से भी अलग रहा। दोनों खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर पर फोकस करना चाहते हैं।
आईपीएल के पहले सत्र में इंग्लैंड के खिलाड़ी इसमें हिस्सा नहीं ले पाए थे। खिलाड़ियों की बोली में इस बार इंग्लैंड के खिलाड़ियों को औने-पौनी कीमत में खरीदा गया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान कैविन पीटरसन को तो इस साल बंगलोर रॉयल चैलेंजर्स टीम की कप्तानी तक सौंप दी गई है। लेकिन, पीटरसन को मई में वेस्ट इंडीज के दौरे पर जाना है,लिहाजा वो सिर्फ दो हफ्ते के लिए ही आईपीएल का हिस्सा होंगे। इसी तरह, एंड्रू फ्लिटॉफ को भी आईपीएल बीच में छोड़कर जाना होगा। इन दोनों खिलाड़ियों को छह करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च कर इनकी टीमों ने साथ जोड़ा था। इंग्लैंड टीम के दो और खिलाड़ी पॉल कॉलिंगवुड और ओवेश शाह भी आईपीएल बीच में छोड़कर जाएंगे।
दरअसल,ये फेहरिस्त खासी लंबी है। अलग अलग मुल्कों के अलग अलग खिलाड़ी आईपीएल के जरिए सिर्फ पैसा कमाना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नाम पर उन्हें इससे हटने में कोई हिचक भी नहीं है। वैसे भी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और करियर ही महत्वपूर्ण भी है, लेकिन महंगे दामों में खरीदे गए इन खिलाड़ियों के हटने से संबंधित टीमों को बड़ा नुकसान है,जिन्होंने इन पर भारी दांव खेला है। वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल को कोलकाता नाइट राइडर्स ने आठ लाख डॉलर खर्च कर खरीदा। लेकिन,गेल सिर्फ दो हफ्ते तक आईपीएल का हिस्सा होंगे। डेक्कन चार्जर्स टीम का हिस्सा बने वेस्टइंडीज के फिडेल एडवर्ड भी सिर्फ दो हफ्ते ही आईपीएल में खेलेंगे क्योंकि उन्हें भी इंग्लैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं।
दिलचस्प है कि जिन विदेशी खिलाड़ियों का आईपीएल में हिस्सा लेना तकरीबन तय था, वो भी अचानक आईपीएल में कुछ दिनों के मेहबान बनकर आएंगे। मसलन आस्ट्रेलियाई गेंदबाज ब्रेटली और बल्लेबाज एंड्रू साइमंडस। दोनों आस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं थे, लिहाजा दोनों का आईपीएल में खेलना तय था। लेकिन, आखिरी वक्त में दोनों को पाकिस्तान के खिलाफ आबू धाबी में होने वाली वनडे सीरिज का बुलावा भेजा गया। ऐसे में, दोनों खिलाड़ी अब सात मई के बाद ही आईपीएल का हिस्सा बन पाएंगे। डेक्कन चार्जर्स के लिए साइमंडस का न होना बड़ा झटका होगा क्योंकि 1.35 मिलियन डॉलर में खरीदे गए साइमंडस की बल्लेबाजी शैली टी-20 के बिलकुल मुफीद है। इसी तरह, राजस्थान रॉयल्स की जीत में अहम भूमिका निभा चुके शेन वॉटसन भी इस बार सात मई के बाद ही टीम का हिस्सा होंगे क्योंकि वो भी पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरिज खेलने के बाद ही टीम के साथ जुड़ सकते हैं।
दरअसल, 10 अप्रैल से तय आईपीएल अचानक 18 अप्रैल से कराने का फैसला किया गया। इस फैसले से कई खिलाड़ियों के शिड्यूल का एक हफ्ता कम हो गया। फिर,आईसीसी के कैलेंडर में अभी भी आईपीएल टूर्नामेंट के लिए कोई जगह नहीं है,जबकि विदेशी खिलाड़ी पैसा पीटने के चक्कर में इससे न जुड़ने का लोभ छोड़ नहीं पा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, टीम फ्रेंजाइजी इस मुद्दे को लेकर खासे दुखी हैं क्योंकि टीम का साथ बीच में ही छोड़कर जाने वाले खिलाड़ियों की लंबी लिस्ट है,और सभी अनुभवी और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। इन खिलाड़ियों का टीम की विजयी रणनीति में बड़ा हाथ होगा। लेकिन, फिलहाल कोई कुछ नहीं कर सकता।
बहरहाल, आईपीएल से जुड़ी सभी फ्रेंचाइजी मालिक इस मसले पर खुलकर बोलना नहीं चाहते। अलबत्ता इतना तय माना जा रहा है कि आईपीएल खत्म होने के बाद आईपीएल समिति से इस बाबत चर्चा होगी।