तारीख- 12 जून
वक्त –रात के 12 बजे
जगह- लॉर्ड्स
लॉर्ड्स की जिस बालकनी में हमने दादा को रैंबो बनते देखा था, आज वहीं से लोगों को हम पर खींसे निपोरते हुए देखा। शायद, कह रहे थे- बड़े आए थे तीसमारखां। टी-20 वर्ल्ड कप जीतने। वेस्टइंडीज ने बिना गेल के तेल निकाल दिया।
सच ही तो है। वो गेल चल जाता तो मैच 12-13वें ओवर में ही निपटा डालता। लेकिन, न जाने कमबख्तों ने कौन सी चक्की का आटा खाया है कि जो खिलाड़ी बॉलिंग करते हुए 4 विकेट लेता है,वही बैटिंग करते हुए अकेले दम जीता भी देता है। लेकिन, हमारे यहां ?
भइया, जब मैंने 67 रन ठोंके थे,तो धोनी मुझे अगर बॉलिंग भी दे देता तो क्या चला जाता। किस्मत भी कोई चीज़ होती है। क्या पता मैं पांच विकेट ले डालता। देखो,ब्रावो ने चार विकेट लिए और 66 रन बनाए। मैंने एक रन ज्यादा बनाया तो एक विकेट भी शायद ज्यादा लेता। और मैं कोई ऐरा गैरा नत्थू खैरा किस्म का गेंदबाज तो हूं नहीं। आईपीएल में दो हैट्रिक का रिकॉर्ड है मेरे नाम।
लेकिन, नहीं। धोनी भाई साहब तो इन दिनों सबसे पंगा लेने में लगे हैं। पहले सहवाग से पंगा लिया। फिर मीडिया से। और अब खामखां मुझसे पंगा ले रहे हैं। अरे, सहवाग के जाने के बाद उपकप्तान बनाए जाने की बात आई तो भाई ने मेरी जगह गंभीर का नाम दे डाला। भइया, उपकप्तानी करते करते मेरी उम्र बीत गई,लेकिन कप्तानी नहीं मिली। अब,धोनी को डर है कि कहीं मैं कप्तान न बन जाऊं तो साहब मुझे उपकप्तान भी नहीं बनने देना चाहते। लेकिन, बोर्ड की जय हो!
धोनी भइया समझते नहीं हैं। उन्हें पंगा लेने का शौक है। वो बाकी सबसे पंगे लें और मुझे उपकप्तान रहते हुए ही कप्तानी करने दें। आखिर, पंगा और क्रिकेट- दोनों खेल एक वक्त में मुश्किल हैं न। मैंने भी तय कर लिया है कि अगर माही ने ज्यादा म्याऊं म्याऊ की तो उसी की तरह आउट होकर चला आऊंगा। फिर देखूं क्या उखाड़ लेता है मेरा ?
खैर चलूं- किम का फोन आने वाला है। कल की हार के बाद बहुत अपसेट थी। कह रही थी- तुम्हारी सारी कोशिश बेकार चली गई। इस मामले में भारतीय नारियां गजब होती हैं। संभावित पति की मेहनत भी बेकार जाए तो उन्हें दुख होता है.........।