तारीख- 27 अप्रैल
वक्त – रात के 11 बजे
जगह- पोर्ट एलिजाबेथ
मुझे डायरी लिखने का शौक नहीं है। लेकिन, किस पर भड़ास निकालूं ? जय यहां आते तो शायद उन्हें चार-छह सुना देती । वो आए नहीं, और शाहरुख को सुनाना मुमकिन नहीं है। इसलिए इन कागजों पर ही अपना गुस्सा निकाल रही हूं।
हमारी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स फिर हार गई। खुदा जाने, क्या घटिया टीम बनी है इस बार ! अब किसे दोष दूं। शाहरुख को कितना समझाया था कि सौरव गांगुली को कप्तान बना रहने दो। वो फालतू है पूरी तरह । अब इंडिया की टीम में भी नहीं है। इसलिए पूरा ध्यान देगा टीम पर । लेकिन नहीं ! शाहरुख को तो उस जादूगर बुकानन की बातें ही समझ आती हैं। उसने कहा मैकुलम को कप्तान बनाओ तो उसे बना दिया । क्या किया है उस मक्कू ने अभी तक। सिवाय टीम को हराने के !
अभी-अभी जय का भी फोन आया था। बड़ा अपसेट था। कह रहा था कि फंस गए करोड़ों रुपए फालतू में। मुझ पर नाराज हो रहा था कि तुम्हारी शाहरुख से दोस्ती के चलते मैंने दांव खेला था। पिछले साल का 13 करोड़ का प्रॉफिट इस बार इन नासपीटों ने खर्च करा दिया, और इस साल प्रॉफिट होता दिखता नहीं है।
कभी तो लगता है कि अंक ज्योतिषी के पास जाकर टीम का नाम बदलवाऊं सबसे पहले। नाइट राइडर्स हैं। लेकिन न इन्हें रात में दिखता है न दिन में। गेंद कहां आती है बल्ला कहां चलाते हैं-समझ नहीं आता। और उस मैकुलम तो बिलकुल नहीं।
शाहरुख का क्या है। यहां नुकसान होगा तो ज्यादा फिल्में कर लेगा। और ज्यादा नुकसान हुआ तो इस साल ज्यादा शादियों में नाच लेगा। पर हमारा क्या? मुझे अब फिल्में मिलती नहीं है। जो फिल्में मिलती हैं,उनके निर्माताओं से पैसा नहीं मिलता। होता ही नहीं है तो देंगे क्या। इसलिए ऑफ बीट में इंटरेस्ट है, कहकर करनी पड़ती हैं। जय को लोग कब का भूल गए। ‘मुस्कुराहट’ न की होती तो शायद उसे कोई पहचानता भी नहीं।
फिर,मुझे समझ नहीं आता कि शाहरुख यहां से जाता क्यों नहीं है। रोज मीडिया को इंटरव्यू देता है कि वोट डालने भारत जा रहा है। लेकिन,रोज यहीं मैच में दिखता है। अरे भइया, ऐसा वोट तो महात्मा गांधी या नेहरु जी ने भी नहीं डाला। दक्षिण अफ्रीका से भारत जाकर।
मुंबई इंडियंस ने बुरा धोया है हमारी टीम को। मीडिया वाले पूछ रहे हैं कि अब क्या करेंगे। क्या करेंगे भइया। बोरिया-बिस्तर बांध कर घर जाएंगे। इन निकम्मो से कुछ होगा नहीं। टीम बिक सकी तो बेच देंगे। नहीं तो अगले साल फिर अपनी बर्बादी की नुमाइश देखेंगे।
-जूही
-पीयूष