केपटाउन, 22 अप्रैल।
डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने पारी के पहले ओवर में बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स के गेंदबाज प्रवीण कुमार की दूसरी-तीसरी और चौथी गेद को सीमा रेखा के बाहर पहुंचाया तो उनके इरादे साफ हो गए। इसके बाद, 14वें ओवर में उनके आउट होने तक तूफानी पारी का सिलसिला चलता रहा। गिलक्रिस्ट ने किसी गेंदबाज को नहीं बख्शा और 45 गेंदों में अपनी 71 रन की पारी के दौरान छह चौके और पांच छक्के जड़ डाले।
एडम गिलक्रिस्ट और हर्शल गिब्स की शुरुआत जानदार थी। ऐसी शुरुआत, जिसने दूसरे बल्लेबाजों पर दबाव खत्म कर दिया। चौथे ओवर में गिब्स 17 रन बनाकर पैवेलियन लौटे तो भी स्कोर बोर्ड पर 46 रन टंग चुके थे।
लेकिन, आईपीएल-2 में अभी तक सबसे ज्यादा स्कोर बनाने वाली डेक्कन चार्जर्स 184 के आंकड़े तक सिर्फ गिलक्रिस्ट के बूते नहीं पहुंची। पिछले सीजन में टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे रोहित शर्मा ने भी तूफानी हाफ सेंचुरी ठोंकी। शर्मा के 30 गेदों में बनाए 52 रनों की पारी को पांच छक्कों के आइने में पढ़ा जा सकता है। शर्मा ने सिर्फ एक चौका लगाया।
दरअसल,बेंगलुरु का कोई भी गेंदबाज एडम गिलक्रिस्ट और रोहित शर्मा पर अंकुश लगाने में कामयाब नहीं हुआ। प्रवीण कुमार से जैक कैलिस और जेसी राइडर से पीटरसन और कुंबले तक सभी गेंदबाजों के तरकश से निकले तीर बेकार गए। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच में पांच विकेट लेने वाले कुंबले इस बार सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला।
दक्षिण अफ्रीकी विकेट पर जीत के लिए 185 का आंकड़ा पहाड़ सी चुनौती था। उस पर वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज एडवर्ड्स ने पारी के पहले ओवर की पहली ही गेंद पर जेसी राइडर को बोल्ड कर बेंगलुरु की टीम के होश उड़ा दिए। इसके बाद,पिछले मैच के हीरो रहे आरपी सिंह ने जैक कैलिस को रोहित शर्मा के हाथ कैच कराकर बेंगलुरु को बैकफुट पर ढकेल दिया। फिर, स्टाइरस ने गेंद पर आंखे जमा चुके रॉबिन उथप्पा को रवि तेजा के हाथों बाउंड्री पर कैच कराया तो बेंगलुरु की टीम को बड़ा झटका लगा। क्योंकि तीन बड़े विकेट गिरने के बाद सारी जिम्मेदारी कप्तान कैविन पीटरसन और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के कंधों पर थी। लेकिन, पहाड़ सी चुनौती से दोनों बल्लेबाज पार नहीं पा सके। हां, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली ने बेहतरीन खेल दिखाने की कोशिश जरुर की। द्रविड़ ने ताबडतोड़ 48 रन बटोरे,तो कोहली ने शानदार हाफ सेंचुरी ठोंकी। लेकिन उनकी कोशिश बेकार गई। बेंगलुरु की टीम हैदराबाद से ....मात खा बैठी।
दरअसल, बेंगलुरु रॉयल चैलेजंर्स पर इस मुकाबले में जीत का जितना ज्यादा दबाव था, टीम उतनी ही बिखर गई। आईपीएल-2 में सबसे महंगे खिलाड़ी बने कैविन पीटरसन को विजय माल्या ने छह करोड़ रुपए से ज्यादा में खरीदा था। सिर्फ इसलिए कि वो अपनी टीम की काया बदलना चाहते हैं। आईपीएल टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट हुआ तो पीटरसन से उम्मीदें और बढ़ गई क्योंकि पीटरसन मूल रुप से दक्षिण अफ्रीका के रहने वाले हैं, और यहां के मौसम, विकेट के मिजाज को समझते हैं। लेकिन, दूसरा मुकाबला हारने के बाद डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ पीटरसन खुद दबाव महसूस कर रहे थे। बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स के लिए अब मुकाबले में वापसी हर मैच के साथ मुश्किल होगी,जबकि डेक्कन चार्जर्स लगातार दो जीत के साथ सातवे आसमान पर है। आखिर, पिछले सीजन की फिसड्डी टीम इन दो जीत के साथ खिताब की दावेदार के रुप में पहचानी जा रही है।