पोर्ट एलिजाबेथ, 20 अप्रैल।
कौन कह सकता है कि आस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके है? कम से कम बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मंगरवार को खेली उनकी पारी को देखकर यह कहना तो बहुत मुश्किल है। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया तो ओपनिंग करने आए हेडन और पार्थिव पटेल ने उनका फैसला सही साबित कर दिया। हेडन और पार्थिव ने विकेट पर जमकर स्ट्रोक्स खेले। इस कदर कि 10 ओवर में टीम का स्कोर 100 पार कर चुका था।
लेकिन, 11वें ओवर में बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान कैविन पीटरसन का शिकार बनकर पार्थिव वापस पैवेलियन लौटे तो अगली ही गेंद पर हेडन भी रन आउट होकर चलते बने। हेडन ने 9 चौको और दो छ्ककों की मदद से शानदार 65 रन की पारी खेली। लेकिन, दोनों बल्लेबाज आउट होने तक टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। इस वक्त तक टीम का स्कोर 106 हो चुका था। इसके बाद सुरेश रैना (28), धोनी(16) और फ्लिंटॉफ (22) ने अपना काम बखूबी किया।
बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स की ओर से प्रवीण कुमार ने दो विकेट लिए जबकि केविन पीटरसन और डेल स्टीन ने एक-एक विकेट लिया।
चेन्नई सुपर किंग्स ने धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत बेंगलुरू रॉयल चैलेंजर्स के सामने जीत के लिए 180 रनों का लक्ष्य रखा।
आईपीएल-2 में बने सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की टीम दबाव सहने में नाकाम रही। दरअसल, बेंगलुरु की तरफ से ओपनिंग करने आए प्रवीण कुमार बिना खाता खोले ही वापस लौट गए। रॉबिन उथप्पा और जैक कालिस ने थोड़ी देर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। फिर,फिरकी के जादूगर मुथैया मुरलीधरन ने अपने एक ओवर में उथप्पा और पीटरसन को आउट कर जीत की दास्ता लिख दी।
बेंगलुरु रॉयल्स की पहली जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले राहुल द्रविड़ से लेकर विराट कोहली तक कोई कमाल नहीं दिखा पाया। रोहित शर्मा ने भी एक दो बड़े हाथ जरुर दिखाए, लेकिन यह कवायद भी बेकार रही।
दरअसल, चेन्नई सुपर किंग्स ने इस मुकाबले में खेल के हर क्षेत्र में बेहतरीन खेल दिखाया, और पहले मैच में हार की शर्मिन्दगी से निजात पा ली।