कोलकाता नाइट राइडर्स और डेक्कन चार्जर्स के बीच मुकाबला शुरु होने को था। खिलाड़ी मैदान की तरफ रुख कर रहे थे। लेकिन, टेलीविजन स्क्रीन पर बॉलीवुड के बादशाह का चेहरा छाया हुआ था। शाहरुख खान अपने प्रशंसकों को ‘फ्लाइंग किस’ दे रहे थे। एक अंदाज था-उनके इस अदा में। लेकिन, इस अदा की वजह बॉलीवुड का सुपर स्टार होना भर नहीं था। शाहरुख यहां कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक थे। मालिक-जिसने पैसा खर्च किया है। जो अपनी मनमर्जी से टीम को चला सकता है। उस टीम को, जिसमें सौरव गांगुली जैसे महानायक हैं,तो इशांत शर्मा जैसे उत्साही नौजवान। लेकिन, नायकों से भरी इस टीम ने केपटाउन में डेक्कन चार्जर्स के आगे घुटने टेके तो शाहरुख की निगाहें भी नीची हो गईं। अब,टेलीविजन स्क्रीन पर उभार लेती शाहरुख की तस्वीरों में फ्लाइंग किस देता सुपर स्टार नहीं था। कैमरे से बचता, और झूठी हंसी हंसता एक फ्रेंचाइजी था।
केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान में नाइट राइडर्स और डेक्कन चार्जर्स के बीच मुकाबला शुरु हुआ तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि डेक्कन चार्जर्स इस अंदाज में शाहरुख की टीम को शिकस्त देगी। दरअसल, आईपीएल के पहले सीजन की सबसे फिसड्डी टीम डेक्कन चार्जर्स इस बार कागज पर भी सबसे मजबूत टीमों में शुमार नहीं थी। डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट अंतरराष्ट्रीय मंच से अलविदा ले चुके हैं। वीवीएस लक्ष्णण अभी तक टी-20 फॉर्मेट में खुद को साबित नहीं कर पाए हैं। आरपी सिंह चोट के बाद खेलने लोटे थे। प्रज्ञान ओझा जैसे युवा खिलाड़ी अभी अनुभवहीन हैं। लेकिन, कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में एक से बढ़कर एक धरुंधर थे। लेकिन हुआ क्या !
आईपीएल के पहले सीजन में 158 रनों की आतिशी पारी खेलने वाले नाइट राइडर्स के कप्तान ब्रैडन मैकुलम दूसरे ओवर की पहली गेंद पर आरपी सिंह का शिकार हो गए। इसके बाद वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल भी चलते बने। सौरव गांगुली 12 गेंदों में महज एक रन बनाकर चलते बने। अगर, ब्रैड हॉग ने 31 रनों की पारी न खेली होती तो नाइट राइडर्स 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाता।
दरअसल, नाइट राइडर्स की हार के मायने शाहरुख के लिए इसलिए अलग हैं, क्योंकि टीम को अपने मुताबिक गढ़ने की कोशिश में वो मात खाते दिखे हैं। मैकुलम महज 1 रन बना पाए। क्रिस गेल 10, सौरव गांगुली 1 और आकाश चोपड़ा 11 रन बना पाए। लेकिन, बात खिलाड़ियों की रनों की नहीं, उनकी सोच की है। शाहरुख की ‘कोरबो-लड़बो-जीतबो रे’ का नारा देने वाली टीम इस मुकाबले में न कुछ करती दिखी-न लड़ती और जीतने का तो सवाल ही नहीं था। मुकाबले के किसी भी मोड़ पर टीम में जीत की छोड़िए-लड़ने का जज्बा भी नहीं दिखायी दिया।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल के पहले सीजन में पहला मुकाबला जीतकर बड़े स्कोर का एक ट्रेंड सेट किया था, लेकिन दूसरे सीजन के पहले मुकाबले में वो 100 का आंकड़ा बमुश्किल छू पायी। इस लक्ष्य को गिलक्रिस्ट की डेक्कन चार्जर्स ने आसानी से पा लिया। सिर्फ दो विकेट गंवाकर।
दरअसल, शाहरुख के लिए इस हार का सबब यही है कि पैसा लगाने भर से आप विषय के जानकार नहीं हो सकते। पैसा निकालने वाला उद्योगपति अखबार के संपादक की भूमिका नहीं निभा सकता। हालांकि, उसे भी चिंता होती है कि अखबार नुकसान में न जाए। वो भी दखलंदाजी करता है,लेकिन एक हद तक। शाहरुख ने इसी दायरे से आगे जाने की कोशिश की, और मुंह की खा बैठे। कम से कम पहले मैच की हार का नतीजा यही है।