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कुछ आईपीएल कथाएं
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बनवास में भटक रहे थे पांडव। महंगाई, दुर्योधन सभी का सामना कर रहे थे बनवास का आखिरी साल आ पहुंचा पहुंचा, अब तो अज्ञातवास में रहना था। विकट काम था।
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हां, अब इंडियन सा है मामला
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मैं खंडन करता हूं कि किसी आईपीएल टीम में मेरा कोई शेयर नहीं है।
इन दिनों ऐसा खंडन करने का फैशन है, वरना कोई बड़ा आदमी सा नही मानता। हर बड़ा आदमी हर बड़े आदमी को बता रहा है कि आईपीएल में उसका शेयर नहीं है। कई नेताओं ने कहा है कि नहीं वो नहीं चला रहे थे आईपीएल।
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